पहले जो खुली आँखों से देखते थे सपने अब आँखे मूंदने पर भी नहीं आते इस मुकाम पर आ पहुं पहले जो खुली आँखों से देखते थे सपने अब आँखे मूंदने पर भी नहीं आते इस मुका...
उसे "वो" दिखाई दे रहा है उसे "वो" दिखाई दे रहा है
कवी अपनी यादों में खोये थे , जब आँख खुली तो उनके भ्रम दूर हो गए । कवी अपनी यादों में खोये थे , जब आँख खुली तो उनके भ्रम दूर हो गए ।
कहने को तुमसे, खुली किताब हूं मैं, फिर भी हर पन्ने में उलझा, एक सवाल हूं मैं, कहने को तुमसे, खुली किताब हूं मैं, फिर भी हर पन्ने में उलझा, एक सवाल हूं मैं,
बेच दो, बन्द कर दो, नाम बदल दो, सबका साथ छोड़ दो। बेच दो, बन्द कर दो, नाम बदल दो, सबका साथ छोड़ दो।
हमें पता है यहां कोई गुमशुदा सा है, ये कुछ हुआ धुआं सा है...... हमें पता है यहां कोई गुमशुदा सा है, ये कुछ हुआ धुआं सा है......